गयाजी, राजगीर और नालन्दा में पर्यटकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश

मां मुंडेश्वरी मंदिर, करकटगढ़ जलप्रपात तथा राजगीर के पर्यटकों की सुविधा हेतु अनुदानित दर पर हेलिकॉप्टर सेवा प्रारंभ की जाय। वाल्मीकिनगर के लिए शनिवार एवं रविवार को पर्यटकों के लिये रियायती दर पर वायुसेवा शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश।

गयाजी, राजगीर और नालन्दा में पर्यटकों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराने का मुख्यमंत्री ने दिया निर्देश
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पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प सभागार में पर्यटन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पर्यटन विभाग के सचिव श्री लोकेश कुमार सिंह ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पर्यटन विभाग के विभिन्न योजनाओं की अद्यतन स्थिति और राज्य के प्रमुख पर्यटन केन्द्रों के विकास के लिये किये जा रहे कार्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

  • पर्यटकों की सुविधा के लिए पटना प्रस्थान से आगमन तक 'एंड-टू-एंड' सेवा बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा शुरू की जायेगी।
  • विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर की परियोजना को शीघ्र अंतिम रूप देकर कार्य प्रारंभ कराया जाय।
  • राजगीर की ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए इसे आध्यात्मिक शिक्षा के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करने की कार्रवाइ में गति लायी जाय।
  • नालंदा को वैश्विक ज्ञान और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में फिर से स्थापित करने के लिए एक विशेष एकीकृत पैकेज तैयार किया जाएगा।
  • पर्यटन क्षेत्रों में निवेश और बेहतर प्रबंधन के लिए पी०पी०पी० मोड को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • पावापुरी मंदिर परिसर के चहुंमुखी विकास के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
  • स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रामीण पर्यटन पहल शुरू की जाएंगी।
  • पर्यटकों को बिहार की पारंपरिक मेहमाननवाज़ी से रूबरू कराने और स्थानीय रोजगार सृजन के लिए 'होमस्टे' नीति को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाना है इसके लिये बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है और धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का कायाकल्प करना है। राज्य के प्रमुख पर्यटन केंद्रों- राजगीर, गयाजी और नालंदा में चल रही परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। बिहार की सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने के लिये काम करना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मां मुंडेश्वरी मंदिर, करकटगढ़ जलप्रपात तथा राजगीर के लिए पर्यटकों की सुविधा सुविधा हेतु अनुदानित दर पर हेलिकॉप्टर सेवा प्रारंभ की जाय साथ ही वाल्मीकिनगर के लिए शनिवार एवं रविवार को पर्यटकों के लिये रियायती दर पर वायुसेवा शीघ्र प्रारंभ करें।

पर्यटकों की सुविधा के लिए पटना प्रस्थान से आगमन तक 'एंड-टू-एंड' सेवा बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा शुरू की जायेगी। विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर और महाबोधि मंदिर कॉरिडोर की परियोजना को शीघ्र अंतिम रूप देकर कार्य प्रारंभ कराया जाय। राजगीर में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार और सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजगीर की ऐतिहासिक महत्ता को देखते हुए इसे आध्यात्मिक शिक्षा के वैश्विक केंद्र (Global Center of Spiritual Learning) के रूप में स्थापित किया जाएगा। नालंदा की वैश्विक पहचान की पुनर्स्थापना की जायेगी साथ ही विश्व धरोहर (World Heritage) दर्जे को और सुदृढ़ किया जाएगा।

नालंदा को वैश्विक ज्ञान और सांस्कृ तिक केंद्र (Global Knowledge and Cultural Destination) के रूप में फिर से स्थापित करने के लिए एक विशेष एकीकृत पैकेज तैयार किया जाएगा। पर्यटन क्षेत्रों में निवेश और बेहतर प्रबंधन के लिए पी०पी०पी० (Public-Private Partnership) मोड को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पावापुरी मंदिर परिसर के चहुंमुखी विकास के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ग्रामीण पर्यटन पहल (Rural Tourism Initiatives) शुरू की जाएंगी। पर्यटकों को बिहार की पारंपरिक मेहमाननवाज़ी से रूबरू कराने और स्थानीय रोजगार सृजन के लिए 'होमस्टे' नीति को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की भूमि अध्यात्म, इतिहास और संस्कृति का केंद्र रही है। हमारा लक्ष्य है कि गयाजी, राजगीर और नालंदा आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलें। बुनियादी ढांचे में सुधार, कॉरिडोर निर्माण और होमस्टे जैसी पहलों से न केवल पर्यटन बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पर्यटन विभाग के सचिव सह मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव  संजय कुमार सिंह, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक श्री नंद किशोर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।